पत्नी के खौफ से तो देवता भी नहीं बचे,जाने पुराणों में छिपी इस राज से जुडी रोचक कथा..!!!
पत्नी के खौफ से तो देवता भी नहीं बचे,जाने पुराणों में छिपी इस राज से जुडी रोचक कथा..!!!

आज हम आपको पौराणिक रोचक कथा के बारे में बताने जा रहे है जिसको पढ़कर आप भी समझ जाएँगे की पत्नी के खौफ से तो देवता भी नहीं बचे तो फिर आम आदमी कैसे बचे, तो आइये पढ़ते है वो कथा ।
स्त्री शक्ति का अंदाजा भगवान शिव को तब हुआ जब उन्होंने एक बार देवी सती को मायके जाने से मना कर दिया । देवी सती इस बात के लेकर बहुत क्रोधित हुई तथा उन्होंने विकराल रूप धारण कर लिया अंत में भगवान शिव ने इस बात को तय कर लिया की हमेशा पत्नी का वर्चस्व रहेगा ।
भगवान विष्णु भी पत्नी के प्रभाव से अछूते नहीं है। एक बार दुर्वाशा ऋषि के श्राप के कारण देवी लक्ष्मी वैकुंठ धाम छोड़कर अपने मायके सागर के अंदर
चली गयी। इसके बाद पुरे देवलोक के साथ ही वैकुण्ठलोक में भी अन्धेरा छा गया। इसके बाद सागर मंथन द्द्वारा लक्ष्मी पुनः प्रकट हुई तथा भगवान विष्णु ने फिर उन्हें नाराज करने का जोखिम नही लिया।
ब्रह्मा जी देवी सरस्वती की सत्ता को स्वीकार करते हैं देवी सरस्वती ने जब ब्रह्मा के साथ गायत्री को देखा तो ब्रह्मा जी को शाप दे दिया कि् आपकी पूजा कहीं नहीं होगी और रुठकर रत्नागिरी पर्वत पर चली गई। यहां देवी सरस्वती की सावित्री रूप में पूजा होती है।
भगवान शनि देव के प्रकोप से समस्त दुनिया डरती है परन्तु शनि देव को भी अपनी पत्नी से भय लगता है। इसलिए ज्योतिषशास्त्र में भी शनि देव को प्रसन्न करने के लिए एक उपाय के अनुसार उनकी पत्नी की पूजा बताई गयी है। इनकी पत्नी के नाम का जाप शनि देव के कुदृष्टि से शीघ्र मुक्ति दिलाता है।
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