भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु को श्राप दिया
👉#भृगु ऋषि ने भगवान #विष्णु को #श्राप दिया की तुम्हे बार बार पृथ्वी में जाके गर्भ में रह कष्ट भोगना पड़ेगा चूँकि उन्होंने एक स्त्री का वध किया !
👉इसके पश्च्यात विष्णु ने वामन गरुड़ अवतार जैसे अवतार न ले राम कृष्ण बुद्ध जैसे अवतार लेना आरम्भ किया व् गर्भ में रह जन्म लिया !
( भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु को श्राप दिया की तुम्हे बार बार पृथ्वी में जाके गर्भ में रह कष्ट भोगना पड़ेगा चूँकि उन्होंने एक स्त्री का वध किया ! इसके पश्च्यात विष्णु ने वामन गरुड़ अवतार जैसे अवतार न ले राम कृष्ण बुद्ध जैसे अवतार लेना आरम्भ किया व् गर्भ में रह जन्म लिया !
👉( #शुक्राचार्य ऋषियों में सर्वश्रेष्ठ भृगु ऋषि के पुत्र है 👉भृगुऋषि जिन्हे धरती के सब #ऋषियों ने तीनो देवो (ब्रह्मा विष्णु महेश) में कौन सर्वश्रेष्ठ है जांचने की जिम्मेदारी.
👉ऐसे प्रतापित ऋषि का पुत्र होके भी शुक्राचार्य दैत्यों के गुरु कैसे बन गए?
👉भृगु ऋषि की दो पत्निया थी पहली दक्ष की कन्या थी और दूसरी थी ख्याति जिनसे उन्हें पुत्र मिला शुक्राचार्य.
👉 शुक्रवार को जन्मे थे भृगु इसलिए उनके नाम पे ही शुक्र का नाम शुक्रवार पड़ा,
👉पिता ने उन्हें ब्रह्मऋषि अंगरीशी के पास शिक्षा के लिए भेजा.
👉अंगरीशी #ब्रह्मा के मानस पुत्रो में सर्वश्रेष्ठ थे,
👉शुक्राचार्य के साथ उनके पुत्र बृहस्पति (जो बाद में देवो के गुरु बने) भी पढ़ते थे.
👉शुक्राचार्य #बृहस्पति की तुलना में काफी होशियार थे, लेकिन फिर भी बृहपति को पुत्र होने के चलते ज्यादा अच्छी तरह से शिक्षा नही मिली.
👉ईर्ष्यावश वो वंहा से दीक्षा छोड़ के सनक ऋषियों और गौतम ऋषि से शिक्षा लेने लगे.
👉इस दौरान उन्हें प्रेरणा मिली और जब बृहस्पति देवो के गुरु बने तो ईर्ष्या वष वो दैत्यों के गुरु बने.
👉दैत्य देवो से नित हारते थे इसलिए उन्होंने (शुक्राचार्य) शिव को प्रसन्न कर संजीवनी मन्त्र (मरे हुए को जीवित करने का मन्त्र) हेतु तपस्या में बैठ गए.लेकिन देवो ने मौके का फायदा उठा के दैत्यों का संघार आरम्भ कर दिया, शुक्राचार्य को तपस्या में जान दैत्य उनकी माता ख्याति की शरण में चले गए.
👉ख्याति ने दैत्यों को शरण दी और जो भी देवता दैत्यों को मारने आता वो उसे मूर्छित कर देती या अपनी शक्ति से लकवाग्रस्त.
👉ऐसे में दैत्य बलशाली हो गए और धरती पर पाप बढ़ने लगा, धरती पे धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने शुक्राचार्य की माँ और भृगु ऋषि की पत्नी ख्याति का #सुदर्शन चक्र से सर काट दैत्यों के संघार में देवो की और समूचे जगत की मदद की.
👉शुक्राचार्य को बेहद खेद हुआ और वो शिव की तपस्या में लग गए. )
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