आखिर किस वरदान की पूर्ति के लिए कृष्ण रूप में जन्म लिया भगवान् विष्णु ने; जरूर पढ़ें..!!! भाग-1 .

आखिर किस वरदान की पूर्ति के लिए कृष्ण रूप में जन्म लिया भगवान् विष्णु ने; जरूर पढ़ें..!!! भाग-1 .

धार्मिक कहानियाँ (RELIGIOUS STORIES)

हमारे पुराणों में हर भगवान की कथा का वर्णन मिलता है।

जिसकी अपनी अलग महत्ता है ।

श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण

पर सबसे ज्यादा रोचक कथाएं जिस भगवान् की है वे है भगवान् श्री कृष्ण (Krishna) की।

कान्हा के जन्म की कथा तो अपने आप में बहुत ही रोचक है।

ये तो आप सबको मालूम ही है कि कान्हा का जन्म देवकी (Devki) माँ द्वारा हुआ था।

और उनका पालन पोषण यशोदा मैया द्वारा किया गया था ।

श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण

ऐसे में एक सवाल ये खड़ा होता है कि यदि श्रीकृष्ण (Krishna) जी चाहते तो वो सीधे तौर पर यशोधा मैया द्वारा जन्म ले सकते थे ।

पर इसकी एक बहुत बड़ी वजह है।

आज जो कथा हम आपको बता रहें है वह है कैसे श्रीकृष्ण (Krishna) ने अपना वचन पूरा करने हेतु मानव रूप में जीवन लिया ।

कृष्ण रूप में जन्म लिया भगवान् विष्णु ने

पुराणों में उसका बड़ा ही सुंदर बखान पढ़ने को मिलता है ।

इस व्याख्या की २ कथाएं प्रचलित है जिनमे से आज हम एक आपको बताने जा रहे है।

तो आइये पढ़ते है यह कथा:

श्री कृष्ण
श्री कृष्ण

दरअसल अपने पिछले जन्म में जब कृष्ण (Krishna) जी विष्णु(Vishnu) अवतार में थे तब देवकी जी उनकी बहुत बड़ी भक्त थी ।

और देवकी ने ये वरदान माँगा था कि उन्हें विष्णु (Vishnu) जी जैसा पुत्र मिले ।


तब  उन्होंने देवकी (Devki)  जी को वचन दिया कि द्वापर युग में वे देवकी (Devki) माँ के गर्भ से जन्म लेकर पृथ्वी पर आएंगे ।


इसलिए देवकी जी का पूर्वजन्म का वरदान सत्य करने के लिए ही कृष्ण (Krishna) जी यानि विष्णु (Vishnu) जी ने मानव रूप में देवकी (Devki) माँ के गर्भ से ही जन्म लिया और अपना वचन पूरा किया ।

माता यशोदा कृष्ण के साथ
माता यशोदा कृष्ण के साथ

यही वजह है कि वो माँ देवकी के गर्भ से जन्मे ।

और चूँकि यशोदा (Yashoda) रानी भी विष्णु (Vishnu) जी की परम भक्त थी।

इसलिए माँ यशोदा के यहाँ कृष्ण (Krishna) भगवान का लालन पालन हुआ ।

जो भी हुआ है सब प्रभु की लीला ही है ।

 

॥ जय श्री कृष्ण ॥

Comments

Popular posts from this blog

दशावतार

सूर्य देव सात ही घोड़ों की सवारी क्यों करते है…????

हैरानी होगी पढ़ने में; रामायण काल के दौरान किया था विभीषण ने पहला मोबाइल इस्तमाल, थे और भी कई आधुनिक यन्त्र..!!!